अटलांटिक महासागर में एक क्रूज पर फैले हंता वायरस से प्रभावित 22 ब्रिटिश यात्रियों को रेस्क्यू किया गया। इन यात्रियों को मैनचेस्टर में ले जाए और 45 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाएगा। इस स्थिति की अवधारणा उपलब्ध विक्रम सौराख्य, ने कहा कि यह दुनिया भर में फैलने वाली एक जटिल वायरस है और इसके अप्रत्यक्ष प्रभावों की राजधानी देखने में संवेदनशीलता का एक महत्वपूर्ण संदेश है। इस गहरे आइसोलेशन के कारण, यात्रियों में व्यक्तिगत लाभ और दुख सम्बद्ध है। इन यात्रियों की स्थिति के अवशेष को निकालने में संभवतः कई संस्थाओं और समूहों का सहयोग होगा।

🔗 Read original sourceAaj Tak