गुजरात उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एयरलाइन कंपनियों के पक्ष में अपना निर्णय सुनाया है। आयोग ने कहा है कि खराब मौसम के कारण होने वाली उड़ानों में देरी या डायवर्जन के लिए एयरलाइन को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता है। यह मामला एक यात्री द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर दायर की गई अपील से संबंधित था। यात्री ने घने कोहरे के कारण अपनी फ्लाइट का मार्ग बदले जाने पर हर्जाने की मांग की थी। उपभोक्ता आयोग ने यात्री की इस अपील को खारिज करते हुए कहा कि मौसम की स्थिति एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर है। अदालत ने माना कि सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय यात्रियों की भलाई के लिए होता है। आयोग के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में एयरलाइन पर मुआवजे का बोझ डालना अनुचित है। यह फैसला विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ा नजीर माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदेश एयरलाइंस को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा। आयोग ने स्पष्ट किया कि यात्री को मुआवजे का अधिकार तब मिलता है जब चूक एयरलाइन की तरफ से हो, न कि प्राकृतिक कारणों से। इस फैसले के बाद अन्य लंबित मामलों में भी इसी तरह का दृष्टिकोण अपनाए जाने की संभावना है। Source: Source Post navigation कवर्धा वक्फ मस्जिद विवाद: अदालत ने मामले के निस्तारण के लिए दो महीने की समयसीमा तय की 32 साल पुराने FERA मामले में मुंबई कोर्ट का बड़ा फैसला, व्यवसायी को किया बरी