भारतीय रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने ट्रेनों पर होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग शुरू किया है। इस नई पहल के माध्यम से संवेदनशील इलाकों की कड़ी निगरानी की जा रही है। ड्रोन से मिल रही फुटेज की मदद से असामाजिक तत्वों की पहचान करना अब आसान हो गया है। पिछले एक साल में पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारियों की संख्या में काफी वृद्धि दर्ज की गई है। आरपीएफ ने संवेदनशील पटरियों और क्षेत्रों को चिह्नित किया है जहाँ सबसे अधिक हमले होते थे। ड्रोन के इस्तेमाल से सुरक्षा बलों को वास्तविक समय में सटीक जानकारी मिल रही है। यह तकनीक न केवल अपराधियों को पकड़ने में मददगार साबित हुई है बल्कि अपराधों को रोकने में भी प्रभावी है। सुरक्षा बल अब ड्रोन की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान से यात्रियों की सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है। रेलवे ने साफ किया है कि ऐसी घटनाओं में लिप्त पाए जाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ड्रोन निगरानी का यह प्रयोग आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।

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