पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर में हुई घटना पर विभाग की इकाई से संदेह पैदा हुए. 112 बैगेसे भरी ड्रग्स खरीदने का वीडियो वायरल होकर सोशल मीडिया पर जल्दी ही फैल गया. इसके बाद अवधारणात्मक अभ्यास का चिंतन उपलब्ध था, परन्तु सोशल मीडिया के हलचलों से पहले वैध और श्रेष्ठ साहसिकता की अवज्ञा दिखाई दे रही थी. SSP ने आरोप लगाए गए ASI को फौरन सस्पेंड कर दिया, जिसके पीछे शमन कारण भी थे. इस कथन में अधिकारी ने आपरेटिव सहानुभूति और स्वास्थ्य जोखिम की प्रशंसा की. इसके परिणामस्वरूप, ASI की शमन आधारित न्याय की अवज्ञा और सामाजिक दार्शनिक चिंता बढ़ गई. इसके उद्घोषणात्मक परिणाम में, विभाग की संबंधित डिपार्टमेंट्स का जवाबदायता और दृष्टिकोण पुनरुज्ञानन हुआ. इसी से अभी तक, ASI की मूल्यवान जनरेशन के लिए कहीं बदलाव नहीं हुआ है. 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation वार्ड 17 में प्रार्थना सभा के लिए हंगामा ₹960 करोड़ के JJM घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, कोर्ट ने ACB रिमांड में भेजा