तेलंगाना उच्च न्यायालय ने बंजारा हिल्स की एक विवादित बेशकीमती जमीन पर मालिकाना हक जताने वाले एक स्थानीय व्यवसायी की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने अपने कड़े फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता ने इस जमीन पर अपना दावा पेश करने के लिए जाली दस्तावेजों और गलत तथ्यों का सहारा लिया था। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक या निजी संपत्ति पर इस तरह के फर्जी दावों से न्यायपालिका का समय नष्ट होता है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यवसायी पर जुर्माना भी लगाया है। यह जमीन बंजारा हिल्स के एक प्राइम लोकेशन पर स्थित है, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों में आंकी गई है। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस जमीन के रिकॉर्ड की दोबारा जांच करें और यदि कोई सरकारी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला उन लोगों के लिए एक सबक है जो अवैध तरीके से संपत्तियों पर दावा करने की कोशिश करते हैं। मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। Source: Source Post navigation वास्को में गोल्ड लोन घोटाला: पीड़ितों ने फरार ज्वैलर को खुद पकड़ा, पुलिस को सौंपा पुणे: सेवानिवृत्त ऑटोमोबाइल इंजीनियर से ऑनलाइन धोखाधड़ी, निवेश के नाम पर 1.1 करोड़ रुपये ठगे