राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला में एक नई ड्रोन ट्रेनिंग लैब स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य कैडेट्स को आधुनिक और तकनीकी युद्ध कौशल में प्रशिक्षित करना है। इस सुविधा के माध्यम से ड्रोन संचालन और उससे जुड़ी रणनीतियों की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य के युद्धों में ड्रोन तकनीक की अहम भूमिका होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक अभ्यास भी शामिल होगा। इससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। कैडेट्स को आधुनिक युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार किया जाएगा। यह पहल भारतीय सेना की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संस्थान का लक्ष्य भविष्य के अधिकारियों को उन्नत तकनीकी कौशल से लैस करना है। यह सुविधा रक्षा प्रशिक्षण में एक बड़ा सुधार मानी जा रही है। Source: Source Post navigation गुजरात में इंजीनियरिंग प्रवेश का पहला चरण समाप्त: 27,000 सीटें खाली रहने से बढ़ा कॉलेजों की चिंता का स्तर महाTET पेपर लीक के बाद इन-सर्विस स्टाफ के लिए TET खत्म करने की मांग तेज, शिक्षकों और नेताओं ने जताई नाराजगी