सुपौल के NH-106 पर एक तेज रफ्तार बस खाई में गिरी, लेकिन बाल-बाल यात्रियों की जान बची. हादसे में करीब 30 यात्रियों की जान बची, जहाँ एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी. घटना के दौरान लगभग आधा दर्जन यात्रियों ने घायल होकर इलाज प्राप्त किया. बस में सवार करीब 30 यात्रियों में से अधिकतर ने बासंट-बासंट बाल जैसी कई वातावरण के कारण नहीं मार्ग चुका. अनेकों के इलाज घटकों का उपयोग किया गया है, लेकिन करीब 10 यात्रियों में से दोनों पक्ष के रुखों का खतरा है. सुपौल के विभिन्न क्षेत्रों में इस घटना ने ध्यान पहचाना, जिसमें सरकारी अधिकारियों और भव्य क्षेत्रीय शहरों में खौफनाक हादसे का बुलेट किया गया. उनकी पहचान, अपराध की स्थिति और इलाज में व्यवसाय का घटक लगभग 1 दिन चलता है. बस के गिरने की वजह एक अनुपरव्यवस्थित ड्राइवर और खाई में टेक्नोलॉजी का अभाव था. सुपौल के सरकारी अधिकारियों ने घटना पर आगमन किया और मामले को इस्तेमाल किया, जो बाद में ड्राइवर को अधीक्षण कर दिया. गैर-पारंपरिक सुरक्षा और ध्वजबदल के लिए नौकरियों की मांग भी इस घटना के पश्चात बढ़ गई. 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation पवन सिंह और ज्योति की दुश्मनी में देवदास के गाने 23 साल की युवती ने केवल एक साल में 1700 करोड़ की कंपनी बना दी!