EY (अर्नस्ट एंड यंग) की एक हालिया रिपोर्ट में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। वित्त वर्ष 2026 में भारत की कच्चे तेल की आयात पर निर्भरता 90% के आंकड़े को पार कर गई है, जो देश के लिए एक बड़ा रणनीतिक जोखिम है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत का वर्तमान रणनीतिक तेल भंडार केवल पांच दिनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है, जो चीन जैसे देशों के विशाल भंडार की तुलना में बहुत कम है। घरेलू उत्पादन में गिरावट और ईंधन की बढ़ती खपत के कारण, भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार के व्यवधान या भू-राजनीतिक तनाव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो गया है। EY ने सरकार को सलाह दी है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रणनीतिक तेल भंडार बढ़ाने की दिशा में तत्काल और व्यापक रणनीति अपनाए। Source: Source Post navigation एयरबैग में खराबी के चलते कंपनी ने 2.5 लाख एसयूवी की रिकॉल की घोषणा छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए खुशखबरी: खाद के लिए टोकन व्यवस्था खत्म, अब सीधे केंद्रों से मिलेगा खाद