जीएमएसी कॉर्पोरेट रिक्रूटर्स सर्वे 2026 के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंट्री-लेवल भर्तियों के परिदृश्य को बदल रहा है। एआई के कारण अब कई नियमित कार्य स्वचालित हो गए हैं, जिससे काम करने का तरीका बदल गया है। हालांकि, कंपनियां अभी भी ऐसे स्नातकों को प्राथमिकता दे रही हैं जिनमें मानवीय कौशल की कमी नहीं है। कंसल्टिंग, फाइनेंस और अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों में एआई का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। बावजूद इसके, एमबीए और बिजनेस मास्टर्स डिग्री धारकों की मांग बनी हुई है। नियोक्ता अब संचार, नेतृत्व, व्यावसायिकता और रणनीतिक सोच जैसे गुणों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। भविष्य में करियर की सफलता के लिए छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ एआई साक्षरता भी विकसित करनी होगी। मानवीय संवेदनाएं और इंटरपर्सनल स्किल्स आज भी रोजगार पाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण मापदंड बने हुए हैं। कंपनियों का मानना है कि केवल एआई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्ति की अनुकूलन क्षमता भी मायने रखती है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे तकनीकी दक्षता के साथ-साथ अपने सॉफ्ट स्किल्स को भी मजबूत बनाएं। Source: Source Post navigation दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले की तैयारी: हंसराज कॉलेज ने शुरू किया ‘कैंपस कनेक्ट’ प्रोग्राम, जानें पूरी जानकारी केरल SSLC SAY 2026 का रिजल्ट जारी, छात्र ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं पूरक परीक्षा के अंक