सागर अडानी का कहना है कि सिर्फ सौर या पवन ऊर्जा से काम नहीं चलेगा. जमीन की कमी और मौसम पर निर्भरता को देखते हुए, भारत को एक संतुलित मिश्रण चाहिए. यह आधी सौर और आधी पवन ऊर्जा का प्रयोग करके भारत इसपर तेजी से बढ़ रहा है. 21वीं सदी में, वही देश मजबूत रहेगा जिसकी ऊर्जा तक पहुंच सुरक्षित और सस्ती होगी. इलेक्ट्रिफिकेशन के माध्यम से भारत नई ऊरजा की खातिर के पहलुओं पर बात कर रहा है. वह संकेत दे रहे हैं कि भारत को इसके लिए आगे बढ़ने की जरूरत है, क्योंकि वातावरण सुरक्षा और समाज की सुरक्षा इस प्रकार निरन्तर है. भारत के उद्योग के महान अभिप्राय का विकास और ऊरजा सुरक्षा की गुणवत्ता का पहलू में इन्होंने बहुत सारी ध्यान की लगाई है. विशेषकर, जमीन की कमी और प्रभावित मौसम के अवस्था को देखते हुए, भारत को एक संतुलित मिश्रण चाहिए, जहाँ पर सौर और पवन ऊर्जा का बराबर प्रयोग हो. अडानी ने यकीन दिखाया है कि इलेक्ट्रिफिकेशन का महत्व समाज की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से महत्वपूर्ण है. इसीलिए, भारत नई ऊरजा की योजनाओं को अपनाकर बढ़ी मात्रा में इलेक्ट्रिफिकेशन के साथ आगे बढ़ रहा है. यह भविष्य की उत्तम पकड़ देगा. 🔗 Read original source — Aaj Tak Post navigation गैंगस्टर दीपक नांदल के शूटरों और पुलिस के बीच एनकाउंटर सांप बीन की धुन पर नाचते हैं, लेकिन उनके कान होते नहीं!