प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर 569 संदिग्ध और डुप्लीकेट आवेदनों को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया है। इस कदम को परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। AI आधारित जांच से आवेदन प्रक्रिया में गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े को रोकने में मदद मिली है। इस कार्रवाई के बाद परीक्षा प्रणाली में तकनीक के बढ़ते उपयोग पर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या राज्य स्तरीय आयोग जैसे CGPSC और व्यापम भी इसी तरह की तकनीक अपनाएंगे। यह कदम परीक्षा प्रणाली में डिजिटल निगरानी के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। UPSC की इस पहल से अन्य भर्ती एजेंसियों पर भी तकनीक अपनाने का दबाव बढ़ सकता है। उम्मीद की जा रही है कि इससे फर्जी आवेदनों और धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। Source: Source Post navigation रोहतास के प्राथमिक विद्यालय में 25 वर्षों से एक ही गांव के शिक्षकों की तैनाती, व्यवस्था पर उठे सवाल विधायक ने पोलियो मुक्त जिले के लिए सार्वभौमिक टीकाकरण को बताया जरूरी