स्कूली खेल प्रतियोगिताओं से थ्रोबॉल, बॉल बैडमिंटन और जंप रोप को हटाने के प्रस्ताव पर व्यापक विरोध शुरू हो गया है। इस फैसले को लेकर विभिन्न पक्षों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। एसडीएमसी पैनल ने इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है। पैनल का कहना है कि इन खेलों को हटाने से कम लागत वाले खेलों को नुकसान पहुंचेगा। उनका मानना है कि इससे खेलों में समावेशिता भी प्रभावित होगी। विशेष रूप से छात्राओं की भागीदारी पर इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। इन खेलों को स्कूल स्तर पर आसानी से आयोजित किया जा सकता है। सीमित संसाधनों वाले स्कूलों में भी ये खेल लोकप्रिय हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि यह फैसला कई छात्रों के अवसर कम कर सकता है। उन्होंने सरकार से प्रस्ताव पर दोबारा विचार करने की अपील की है। खेल विशेषज्ञ भी सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दे रहे हैं। अब इस प्रस्ताव को लेकर आगे की कार्रवाई और अंतिम निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं। Source: Source Post navigation बेंगलुरु में तुलु कक्षाओं को रिकॉर्ड 300 से अधिक शिक्षार्थियों का मिला समर्थन CUSB शिक्षक को 70 लाख रुपये का शोध अनुदान मिला, अकादमिक क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि