उत्तर प्रदेश के राहुल के गढ़ में, बीजेपी की नीति का दोहरा विचार आया है. मनोज पांडेय सपा के बागी विधायक को रायबरेली से भर्ती करके मंत्रिमंडल में शामिल कर दिया गया है. यह निर्णय बीजेपी की ‘रायबरेली प्लान’ को सफलतापूर्वक आउटसोर्सिंग के अंदर घुमा दिया है. कांग्रेस और सपा की सहयोगी रणनीति जो लक्ष्य है, गांधी परिवार के अंतिम किलों पर भगवा फहराना. मनोज पांडेय की रायबरेली से संबंधित चेहरों को बीजेपी के मंत्रिमंडल में शामिल करके, वहाँ एक मजबूत पार्टी संघ बना दिया गया है. इसके अतिरिक्त, जो भी सपा के व्यक्ति नए मंत्रिमंडल में शामिल हुए उनकी यह नीति की दृष्टिकोण बढ़ावा दे रही है. सपा के चेहरों को जोड़कर बीजेपी पार्टी ने एक विशाल लोकप्रियता और आधार का समूह बना दिया है, जो कि भव्य गांधी परिवार के किलों पर फेंका गया है. इस प्रक्रिया में सपा के सहयोग के महत्व का एक नज़दीकी परिचय दिखाई देता है, जिसमें रायबरेली की आधुनिक संगठनशीलता का महत्व संकेतित किया गया है.

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