मुंबई विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) पर MA साइकोलॉजी के स्टडी मटीरियल में AI-जनरेटेड कंटेंट के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे हैं। छात्रों ने आरोप लगाया है कि अध्ययन सामग्री तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया गया। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि AI का उपयोग केवल ग्रामर सुधार, भाषा को बेहतर बनाने, पठनीयता और एडिटोरियल सपोर्ट तक सीमित था। प्रशासन के अनुसार यह उपयोग कुल कंटेंट के 10 प्रतिशत से भी कम था और इसे डेवलपर्स द्वारा स्पष्ट रूप से बताया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए CDOE ने एक जांच समिति का गठन किया है। यह समिति पूरे अध्ययन सामग्री की समीक्षा करेगी और आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी। विश्वविद्यालय ने कहा है कि गुणवत्ता और पारदर्शिता उनकी प्राथमिकता है। छात्रों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस मामले ने उच्च शिक्षा में AI के उपयोग पर बहस को फिर से तेज कर दिया है। Source: Source Post navigation ICAI ने डेटा ब्रीच के दावों को नकारा, कहा – छात्रों और सदस्यों का रिकॉर्ड पूरी तरह सुरक्षित KEAM 2026 ट्रायल अलॉटमेंट रिजल्ट आज शाम 4 बजे जारी होने की संभावना, काउंसलिंग प्रक्रिया में अहम चरण