प्रधानमंत्री द्वारा एक साल तक सोना खरीदने की अपील ने देश के निवेशकों में बहस की है। इस प्रकार, अब निवेशकों का रुख ‘गोल्ड’ से उड़ान लेकर ‘रियल एस्टेट’ की ओर मुड़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने 2023 की शुरुआत में देश के सभी निवेशकों को सलाह दी कि उन्हें एक साल तक सोना खरीदना जब तक उनमें रुचि आती है। इस प्रकार, कई निवेशक अपने संज्ञापाकों में भाग लेने देर की बात कर रहे हैं।

एक प्रमुख निवेशक, संगीत जोशी ने कहा कि “इस अपील के कारण मनोरंजन और खास तैयारियाँ के प्रोफाइल में उनके निवेश स्तर बढ़ गए हैं।” दूसरा निवेशक अनुवादी, रमेश कुमार भगत ने परोदश में कहा कि “इस बात से लगभग 30% से ज्यादा निवेशक अपनी रुचि गोल्ड से हटाकर रियल एस्टेट में कर रहे हैं।”

भारत बाजार विश्लेषक, प्रवीण चौधरी ने कहा कि “इस समय गोल्ड मांगने वाले निवेशकों के रुख की बदलती हवा पर जोर दे रहा है।” उन्होंने यह तय किया कि इस सेक्टर में आने वाली ‘सुनामी’ अवश्य ही प्रतिबिम्बित होगी।

देश के निवेशकों का रुख गोल्ड से रियल एस्टेट की ओर मुड़ने के परिणामस्वरूप, इस अलग-अलग सेक्टर में आवश्यकता होने की संभावना बढ़ रही है। गोल्ड सेक्टर के पुनर्जीवन की क्षमता और इसकी भविष्यवाणी में बदलाव होने की उपेक्षा करना चाहिए।

इस प्रकार, निवेशकों की सही अनुमति और आवश्यक टैबलिंग इतने महत्वपूर्ण है कि उनके पास एक साल तक सोना खरीदने की रुचि है, जब तक वे संज्ञापाकों में अपना निवेश देना चाहते हैं।

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