नीतिवादी परीक्षा एनईईटी (NEET) 2026 की सफलता के लिए भारत में हड़कंप। पेपर लीक और परीक्षा धांधली के मामलों में नए कानून सुधार सिलसिले शुरू हो गए हैं। यह बात जानने के लिए कि अब दोषी पर आवश्यक दबाव कैसे रखा जाएगा, और टेक्स्ट के अनुसार नए कानून तहत कितनी जेल और कितना जुर्माना संभव है।

पेपर लीक में दोषियों को अब लगभग 10 साल तक जेल में बनाए रखा जा सकता है। उन्हें ₹1 करोड़ तक की जुर्माना भी प्रदान की जा सकती है। यह चर्चा मार्किट परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने और दृढ़ता देने के लिए उपलब्ध है।

भारत सरकार ने पहली बार NEET 2026 को रद्द कर दिया है, क्योंकि पेपर लीक और फैक्टरी मेजबानी द्वारा चलने वाली सरकारी धांधें थीं। यह कानूनी दिशा परीक्षण की जांच और बेहतरीन रुझान के लिए संवेदनशील होने की मांग को नियंत्रित करने के लिए आधारित है।

इस नए कानून जुड़े मामलों में, अभी भी पहले से ही फ्रीबोटिंग मंत्री रवि प्रशांत और न्याय मंत्री कोईकुछ कहने वाला है। उनके दल के अनुसार, यह सिस्टम अब जवाबदार और न्यायपूर्ण थोड़ा आग्रह में आया है।

नए कानून द्वारा अभिप्राय संसदीकरण और जल्दी परीक्षण के लिए भी गुमानगामी मेहनत शामिल है। इससे परीक्षा आवंटन सिस्टम को दृढ़ करने और जागरूकता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

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