छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने तीन साल की लंबी फरारी के बाद अंततः रायपुर में ईओडब्ल्यू के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। उन पर कोल लेवी, शराब और कस्टम मिलिंग जैसे बड़े घोटालों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। जांच एजेंसियों ने उन्हें पकड़ने के लिए पिछले तीन वर्षों में 24 बार नोटिस जारी किए थे। उनके बेटे पर बढ़ती कानूनी सख्ती और लगातार दबाव के कारण आखिरकार रामगोपाल को नेपाल से लौटना पड़ा। बुधवार को वे अपने बेटे के साथ ईओडब्ल्यू दफ्तर पहुंचे और जांच के सामने पेश हुए। इससे पहले सूर्यकांत की डायरी और हवाला नेटवर्क से जुड़े सबूतों ने इस मामले में उनकी मुश्किलें काफी बढ़ा दी थीं। एजेंसी ने इस पूरे प्रकरण में उनकी सक्रिय भूमिका होने का दावा किया है। अब ईओडब्ल्यू उन्हें रिमांड पर लेकर विस्तृत और गहन पूछताछ करने की तैयारी में है। इस आत्मसमर्पण को राज्य की बड़ी राजनीतिक और कानूनी घटना के रूप में देखा जा रहा है। जांच एजेंसी उन वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाएगी जो घोटालों से सीधे जुड़ी हैं। रामगोपाल के वापस आने से अब मामले की जांच में कई नए खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। Source: Source Post navigation जालंधर पुलिस की बड़ी कामयाबी: वरदान हॉस्पिटल पर फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी का एनकाउंटर बिहार: कैमूर में नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, डिवाइडर से टकराया सरिया लदा ट्रक, दो की मौत