झज्जर-गुरुग्राम रोड पर स्थित वीरेंद्र सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के सामने मिले कामिल और इरशाद के शवों के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस दोहरे हत्याकांड की मुख्य वजह ट्रकों से तेल चोरी के धंधे में पैसों का असमान बंटवारा थी। मृतक प्रतिदिन 50-60 हजार रुपये कमाते थे, लेकिन अपने साथियों (कपिल, सतीश, सिकंदर और विक्रम) को मात्र 1500 रुपये दिहाड़ी देते थे, जिससे नाराज होकर आरोपियों ने याकूबपुर गांव में दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद शवों को एसयूवी में भरकर स्कूल के पास फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों, सतीश (बड़ौत, यूपी) और विक्रम (बहरोड़, राजस्थान) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कपिल और सिकंदर की तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल की गई एसयूवी बरामद कर ली गई है और गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा हो सके। Source: Source Post navigation बुलंदशहर में भीषण सड़क हादसा, कार और टैंकर की टक्कर में एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ ऊना: शादी समारोह में आए 60 वर्षीय व्यक्ति को बाइक ने मारी टक्कर, पीजीआई ले जाते समय मौत; आरोपी गिरफ्तार