डॉक्युमेंट्री ‘द बिग गैप’ और ‘जीवन का घनिष्ठ क्षण’ में डेविड एttenborough के गोरिल्ला से मिलने के इतिहास को उजागर किया गया है। 1970 के दशक में बांगो में रिकार्डिंग के दौरान वह 7‑वर्षीय फेयरी बैट्रीस के साथ कैमरा सामने पैर रखते हैं, जो आज तक टेलीविजन के सबसे प्रतीकात्मक चित्रों में से एक बन गया। ये फिल्में इस क्षण के पीछे की तैयारी, जोखिम, स्थानीय लोगों की मदद और गोरिल्ला संरक्षण पर इसके दीर्घकालिक प्रभाव को दिखाती हैं। साथ ही, एttenborough की प्रकृति‑प्रेमी यात्रा, विज्ञान के साथ उनके संवाद और दर्शकों को प्रकृति के करीब लाने की उनकी क्षमता को भी उजागर करती हैं। यह दो नई फिल्में दर्शकों को वह रोचक कहानी सुनाती हैं, जिसने विज्ञान और टेलीविज़न को हमेशा के लिए बदल दिया। Post navigation डीआर कांगो में अमेरिकी समर्थन से खनन सुरक्षा के लिये नई पैरामिलिट्री गार्ड 1910 के अखबार में लिपटा रहस्यमय बच्चे का अन्तिम संस्कार