झारखंड के बोकारो क्षेत्र की सरस्वती सिंह ने छह दशकों से सामाजिक सक्रियता के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम किया है। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके प्रयासों से कई महिलाओं को अपने अधिकारों और अवसरों के प्रति जानकारी मिली है। सरस्वती सिंह ने लंबे समय तक सामाजिक मुद्दों पर काम करते हुए समुदाय में बदलाव लाने की कोशिश की। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, भागीदारी और आर्थिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया। ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने और उनकी आवाज उठाने में उनकी भूमिका अहम रही है। उनके कार्यों ने स्थानीय स्तर पर कई लोगों को प्रेरित किया है। छह दशकों की उनकी सामाजिक यात्रा महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गई है। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को व्यापक सराहना मिली है। Source: Source Post navigation पश्चिम सिंहभूम की ग्रामीण महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से बढ़ाई अपनी आय AI, स्मार्ट योग और जीनोमिक्स जैसी तकनीकें बदलेंगी भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं का स्वरूप