एक्सिओम-4 (Axiom-4) मिशन की पहली वर्षगांठ पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष में तय की गई हर 100 मीटर की दूरी मिशन के प्रत्येक सदस्य के लिए समर्पित थी। इस ऐतिहासिक मिशन के दौरान चालक दल ने अंतरिक्ष में लगभग 12 मिलियन किलोमीटर (1.2 करोड़ किमी) की यात्रा पूरी की। यह उपलब्धि न केवल अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदमों को दर्शाती है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अन्वेषण की नई ऊंचाइयों को भी रेखांकित करती है। शुक्ला का यह बयान अंतरिक्ष यात्रियों के अटूट समर्पण और मिशन की जटिलता को बयां करता है। Source: Source Post navigation इसरो ने अगले LVM-3 मिशन के लिए क्रायोजेनिक इंजन को दी मंजूरी ग्रीनलैंड शार्क की 400 साल की उम्र: मानव दृष्टि को सुरक्षित रखने में कैसे मिल सकती है वैज्ञानिकों को मदद?