रायपुर: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिकों के ई‑केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी) कार्य में छत्तीसगढ़ ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया। छत्तीसगढ़ सरकार ने 2023‑24 वित्तीय वर्ष में 1.2 करोड़ से अधिक श्रमिकों का डिजिटल प्रोफ़ाइल तैयार किया, जिससे जल्द और भरोसेमंद वेतनभुगतान सुनिश्चित हुआ। मुख्यमंत्री साय के सक्रिय मार्गदर्शन में, राज्य ने मोबाइल‑ऑफ़लाइन एप्लिकेशन, एंटी‑फ्रॉड तकनीक और स्वचालित दस्तावेज़ सत्यापन प्रणाली को लागू किया, जिससे केवाईसी प्रसंस्करण समय 48 घंटे से घटाकर मात्र 12 घंटे तक पहुँच गया। विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों और ग्राउंड‑लेवल वैधता टीमों ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इस उपलब्धि से न केवल मजदूरों को समय पर न्यूनतम वेतन मिला, बल्कि योजना में पारदर्शिता और भरोसे में भी इजाफा हुआ। छत्तीसगढ़ के इस मॉडल को अब केंद्र सरकार ने अन्य राज्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ मानक बना लिया है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा की प्रभावशीलता को नई दिशा मिली है। Post navigation कनाडा के कार्नी ने सार्वभौमिक संपदा निधि की घोषणा की दक्षिण सूडान के जुबा के पास विमान दुर्घटना, सभी 14 यात्रियों की मौत