छत्तीसगढ़ सरकार 1 अगस्त से सभी सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था लागू करने जा रही है। यह कदम केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत उठाया गया है। राज्य में बिजली बिलों के बढ़ते बकाया को कम करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। सभी विभागों को बिजली उपयोग से पहले अपने मीटर रीचार्ज कराने होंगे। पर्याप्त बैलेंस नहीं होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बाधित हो सकती है। इससे विभागों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना होगा। नई व्यवस्था से बिजली खपत पर बेहतर निगरानी भी संभव होगी। बकाया बिलों की समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को समय पर रीचार्ज और बिजली उपयोग का नियमित प्रबंधन करना होगा। यह व्यवस्था सरकारी कार्यालयों में बिजली भुगतान प्रणाली को अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाएगी। Source: Source Post navigation कुरुक्षेत्र: बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने पावर हाउस का किया घेराव, SDO-JE को जमीन पर बैठाकर जताया विरोध जालंधर से कटरा के लिए नई वोल्वो बस सेवा शुरू: सुबह 9:15 बजे मिलेगी सुविधा, वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत