केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) पर निर्यात शुल्क में बदलाव किया है। नई दरें 16 जुलाई 2026 से लागू कर दी गई हैं। सरकार ने पेट्रोल पर लगने वाले निर्यात शुल्क में कटौती की है। वहीं डीजल और एटीएफ के निर्यात शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। इस बदलाव का असर तेल कंपनियों और निर्यात कारोबार पर पड़ सकता है। सरकार समय-समय पर वैश्विक बाजार और घरेलू जरूरतों को देखते हुए शुल्क में संशोधन करती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य ईंधन बाजार में संतुलन बनाए रखना है। निर्यात शुल्क में बदलाव से पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। उद्योग जगत नई दरों के अनुसार अपनी रणनीति तय करेगा। इस फैसले से पेट्रोलियम क्षेत्र में कीमतों और आपूर्ति पर नजर रखी जाएगी। Source: Source Post navigation शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स 200 अंक उछला, निफ्टी 24,150 के पार; ऑटो और IT शेयरों में शानदार खरीदारी वोक्सवैगन की पहली इलेक्ट्रिक क्रॉसओवर ‘आईडी क्रॉस’ से उठा पर्दा: 427 किमी की रेंज और तेज़ चार्जिंग की सुविधा