छत्तीसगढ़ में नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा कर चुके विद्यार्थियों के सामने एक वर्षीय पीजी में प्रवेश को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राजनांदगांव के विद्यार्थियों का कहना है कि प्रवेश के समय उन्हें सातवें और आठवें सेमेस्टर के बाद एक वर्षीय पीजी में प्रवेश का अवसर मिलने की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब तक शासन स्तर से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत 7.5 या उससे अधिक CGPA वाले छात्रों को ‘ऑनर्स विद रिसर्च’ के तहत आगे अध्ययन का मौका मिला, जबकि अन्य विद्यार्थी इससे बाहर रहे। छात्रों ने मांग की है कि सभी पात्र विद्यार्थियों को एक वर्षीय पीजी में प्रवेश का समान अवसर दिया जाए, ताकि उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और सचिव ऋषि शास्त्री ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन भेजकर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। Source: Source Post navigation IIT रुड़की की एडवाइजरी पर विवाद, छात्रों को ‘राजनीतिक आंदोलनों’ से दूर रहने की सलाह CJP के ‘संसद चलो’ मार्च में दो प्रदर्शनकारी घायल, 21 वर्षीय युवक वेंटिलेटर पर