करनाल में नीट परीक्षा देने वाली छात्रा सिमरन ने अपने परीक्षा परिणाम को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रा का कहना है कि ऑनलाइन रिजल्ट में पहले उसे 715 अंक दिखाई दिए। उसने यह खुशी अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ साझा भी की। कुछ समय बाद रिश्तेदारों ने बताया कि उसका नाम टॉपर सूची में नहीं है। इसके करीब दो घंटे बाद उसका रिजल्ट पोर्टल से गायब हो गया और अकाउंट भी लॉक हो गया। छात्रा का आरोप है कि अधिकारियों को ईमेल करने के बाद भी उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिवार एनटीए के कार्यालय पहुंचा, जहां अधिकारियों ने दिखाए गए रिजल्ट को फर्जी बताया। छात्रा का दावा है कि उसके पास रिजल्ट के स्क्रीनशॉट और वीडियो सुरक्षित हैं। सिमरन का कहना है कि पहले भी उसे 710 अंक मिल चुके हैं और इस बार भी 700 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी। उसने शिक्षा विभाग, एनटीए दिल्ली और प्रधानमंत्री कार्यालय को ईमेल भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। छात्रा ने अपनी मार्कशीट और उत्तर पुस्तिका दिखाने की भी मांग की है। उसने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह कैमरे की निगरानी में दोबारा परीक्षा देने के लिए भी तैयार है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

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