अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा आयातित जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ योजना की घोषणा के बाद फार्मा शेयरों पर दबाव देखा गया। इस योजना में दो साल की टैरिफ-मुक्त अवधि के बाद जेनेरिक दवाओं पर भारी शुल्क लगाने का प्रावधान है। भारतीय दवा कंपनियां संभावित प्रभावों को लेकर अपनी रणनीतियों की समीक्षा कर रही हैं। ऑरोबिंदो फार्मा, सन फार्मा और सिप्ला जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका में उत्पादन सुविधाएं नहीं रखने वाली कंपनियों के लिए लागत और कारोबार मॉडल प्रभावित हो सकता है। उद्योग कंपनियां अपनी सप्लाई चेन और निवेश योजनाओं पर पुनर्विचार कर रही हैं। इस कदम का उद्देश्य अमेरिका में घरेलू दवा उत्पादन को बढ़ावा देना बताया जा रहा है। भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में भविष्य की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां उत्पादन रणनीति में बदलाव कर सकती हैं। वैश्विक दवा कारोबार पर इस फैसले के प्रभाव को लेकर बाजार में चिंता बनी हुई है। Source: Source Post navigation हगिंग फेस साइबर घटना में OpenAI एजेंट्स की भूमिका स्वीकार, सुरक्षा उपायों को मजबूत कर रही कंपनी Samsung Galaxy Unpacked आज: Galaxy Z Fold 8 और Flip 8 समेत नए डिवाइस होंगे लॉन्च