केंद्र सरकार के परिवहन पोर्टल में बदलाव के बाद वाहन मालिकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। आरसी ट्रांसफर की प्रक्रिया अब पहले से अधिक लंबी और जटिल हो गई है। पहले जो काम करीब एक सप्ताह में पूरा हो जाता था, उसमें अब तीन महीने तक लग सकते हैं। नए नियमों के तहत आरसी ट्रांसफर की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। वाहन खरीदारों और विक्रेताओं को अब अधिक शुल्क का भुगतान करना होगा। पहले एचपी कैंसिलेशन, एचपी मेड और आरसी ट्रांसफर एक ही प्रक्रिया में हो जाते थे। अब इन कार्यों को अलग-अलग चरणों में बांट दिया गया है। नई व्यवस्था के कारण लोगों को आरटीओ कार्यालयों के अधिक चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब भुगतान केवल खरीदार के खाते से स्वीकार किया जाएगा। पोर्टल अपडेट होने के कारण कई सेवाएं फिलहाल प्रभावित चल रही हैं। वाहन डीलरों ने प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए आधार आधारित ट्रांसफर व्यवस्था लागू करने की मांग की है। Source: Source Post navigation 8वें वेतन आयोग में 2.0 फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ेगी सैलरी? जानें पूरी गणना बिलासपुर जनदर्शन में पति ने गोद में पत्नी को लेकर सुनाई पीड़ा, बारिश में घर बहने पर कलेक्टर ने दी मदद