भविष्य में भारत में कारों के लिए कौन-सी ईंधन तकनीक सबसे ज्यादा इस्तेमाल होगी, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। वर्तमान समय में देश में पेट्रोल, इथेनॉल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक कारें उपलब्ध हैं। ऑटोमोबाइल उद्योग लगातार नई तकनीकों पर काम कर रहा है। आने वाले समय में रेंज एक्सटेंडर और प्लग-इन हाइब्रिड जैसी तकनीकें भी बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को भविष्य की प्रमुख तकनीकों में से एक माना जा रहा है। वहीं हाइब्रिड तकनीक पारंपरिक ईंधन और बैटरी दोनों का संयोजन उपलब्ध कराती है। रेंज एक्सटेंडर तकनीक इलेक्ट्रिक कारों की यात्रा क्षमता बढ़ाने में मदद कर सकती है। सरकार और कंपनियां वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही हैं। प्रदूषण कम करने और ऊर्जा सुरक्षा के लिए नई तकनीकों का विकास किया जा रहा है। आने वाले वर्षों में वाहन बाजार में कई तरह के विकल्प देखने को मिल सकते हैं। ग्राहकों की जरूरत और तकनीकी विकास तय करेगा कि भविष्य की कारों का प्रमुख ईंधन कौन सा होगा।

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