मुंबई में एक युवा महिला ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को ले जा रही पुलिस वैन के सामने खड़े होकर विरोध दर्ज कराया। रिया आहिर लगभग 40 मिनट तक वाहन के सामने डटी रहीं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण विरोध के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन के रवैये पर भी नाराज़गी जताई। आहिर ने कहा कि व्यवस्था कई स्तरों पर आम नागरिकों का भरोसा खो चुकी है। उनके अनुसार लोगों की आवाज़ को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इस घटना को मौके पर मौजूद लोगों ने भी ध्यान से देखा। उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। कई लोगों ने इसे साहस और नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक बताया। यह घटना विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की भूमिका पर नई बहस छेड़ रही है। युवाओं की बढ़ती भागीदारी को भी इस घटना का महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। आहिर का कहना है कि अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाना हर नागरिक का अधिकार है। यह विरोध लोकतांत्रिक अधिकारों और जवाबदेही की मांग का प्रतीक बनकर उभरा। Source: Source Post navigation 9 साल पुराने सड़क हादसा मामले में फैसला, लापरवाह चालक को 2 साल की सजा पंजाब कांग्रेस में बढ़ी कलह, चन्नी छोड़ सकते हैं कैंपेन कमेटी पद; राजा वड़िंग की अगुआई पर उठाए सवाल