आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग का असर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की कीमतों पर पड़ सकता है। नए स्मार्टफोन, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप और स्मार्ट होम डिवाइस खरीदने वालों के लिए कीमतें बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इसकी बड़ी वजह चिप्स और सेमीकंडक्टर की बढ़ती मांग बताई जा रही है। AI आधारित तकनीकों के लिए ज्यादा शक्तिशाली प्रोसेसर और मेमोरी की जरूरत होती है। इस वजह से चिप निर्माण कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञ इसे चिपफ्लेशन के नाम से बता रहे हैं, जिसमें चिप की लागत बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद महंगे हो सकते हैं। कंपनियां बढ़ती उत्पादन लागत का असर ग्राहकों तक पहुंचा सकती हैं। आने वाले समय में AI फीचर्स वाले डिवाइस की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। बाजार में उन्नत तकनीक की मांग लगातार बढ़ रही है। उपभोक्ताओं को नए गैजेट खरीदने से पहले कीमतों और फीचर्स की तुलना करने की सलाह दी जा रही है। तकनीकी उद्योग में सेमीकंडक्टर की उपलब्धता और लागत एक अहम मुद्दा बन गई है। Source: Source Post navigation गैस पाइपलाइन हादसे में मृत राघवेंद्र घोषी की पत्नी को BPCL ने दी 2.25 लाख रुपये की सहायता RBI के दखल से रुपये को राहत, डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत हुआ; कच्चा तेल 100 डॉलर पार