NEET पेपर लीक के विरोध में आयोजित मौन आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे भावुक हो गए। आंदोलन के बीच उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वह फफक-फफक कर रोते नजर आए। बताया गया कि तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद वह प्रदर्शन में शामिल हुए। आंदोलन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। अन्ना हजारे ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके भावुक होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक मौजूद रहे। आंदोलनकारियों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। यह मामला लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग लगातार की जा रही है। Source: Source Post navigation पेपर लीक विधेयक पर चर्चा को तैयार कांग्रेस, सदन में भागीदारी के लिए रखी अहम शर्त पेपर लीक पर सियासी संग्राम तेज, सिसोदिया और कपिल मिश्रा के बीच आरोप-प्रत्यारोप की तीखी जंग