बठिंडा बार एसोसिएशन ने हड़ताल के दौरान काम करने वाले वकीलों पर ₹5,000 का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला लीगल एड डिफेंस काउंसिल के विरोध में जारी आंदोलन के तहत लिया गया है। पंजाब के विभिन्न हिस्सों में वकील इस व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। एसोसिएशन का कहना है कि लीगल एड डिफेंस काउंसिल का मौजूदा स्वरूप समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। अध्यक्ष गुरविंदर सिंह मान के अनुसार, इस व्यवस्था का लाभ गंभीर और आदतन अपराधी भी उठा रहे हैं। उनका दावा है कि मुफ्त कानूनी सहायता मिलने से कई आरोपी जमानत पर बाहर आकर दोबारा अपराध करते हैं। वकीलों का कहना है कि जरूरतमंदों को कानूनी सहायता मिलनी चाहिए, लेकिन इसके लिए स्पष्ट पात्रता मानदंड होने चाहिए। उनका आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में पात्रता तय करने के पर्याप्त नियम नहीं हैं। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान यदि कोई वकील जमानत या स्टे से जुड़ा मामला लेता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस फैसले के जरिए बार एसोसिएशन ने सभी सदस्यों से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। Source: Source Post navigation सुप्रीम कोर्ट की सख्ती, बिना अनुमति कोर्ट सुनवाई के वीडियो क्लिप पोस्ट और रीपोस्ट करने पर रोक तलाक की सहमति के बदले 2 करोड़ मांगना मानसिक क्रूरता: हाईकोर्ट ने पत्नी की अपील खारिज की