हरियाणा के फतेहाबाद नगर परिषद कार्यालय में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर विवाद हो गया। एक आवेदन रिजेक्ट होने के बाद प्रॉपर्टी डीलर और नगर परिषद कर्मचारी के बीच बहस हुई। प्रॉपर्टी डीलर अशोक मित्तल ने कर्मचारी पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी संपत्ति के रिकॉर्ड में सुधार के लिए आवेदन किया गया था। उनका कहना है कि नगर परिषद में अनावश्यक रूप से आवेदन रिजेक्ट किए जाते हैं। वहीं, क्लर्क सत्यम ने रिश्वत के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में कमी के कारण आवेदन नियमों के अनुसार निरस्त किया गया। क्लर्क ने आरोप लगाया कि उन पर गलत फाइल पास करने का दबाव बनाया गया और विरोध करने पर गाली-गलौज की गई। दोनों पक्षों ने सिटी थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। Source: Source Post navigation बस हादसे में घायल महिला जिम ट्रेनर को 22.62 लाख रुपये मुआवजा, ट्रिब्यूनल का आदेश मूसेवाला हत्याकांड की सुनवाई, मानसा कोर्ट ने 4 गवाहों को किया तलब; बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी