ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पाकिस्तान से मुस्लिम जायरीन जत्थे के भारत आने की संभावना जताई जा रही है। यह जत्था उत्तराखंड के रुड़की स्थित कलियर शरीफ के 758वें वार्षिक उर्स में शामिल हो सकता है। आयोजकों ने यात्रा के इच्छुक करीब 500 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट जमा किए हैं। इस संभावित यात्रा को भारत-पाकिस्तान के लोगों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। धार्मिक यात्रा के जरिए दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क बढ़ने की उम्मीद है। इससे भविष्य में सीमा पार यात्रा और व्यापारिक गतिविधियों को फिर से बढ़ावा मिलने की संभावना भी जताई जा रही है। कलियर शरीफ उर्स हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और संवाद की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि अंतिम अनुमति और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यात्रा की पुष्टि होगी। यह कदम दोनों देशों के बीच मानवीय संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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