मेघालय सरकार ने राज्य के सभी शहरी क्षेत्रों में चार-स्तरीय कचरा पृथक्करण को अनिवार्य कर दिया है। नए नियम के तहत घरों, दुकानों और संस्थानों को कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटना होगा। इस पहल का उद्देश्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना है। इससे रीसाइक्लिंग और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय निकायों को नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों को भी कचरा पृथक्करण के प्रति जागरूक किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी की जाएगी। आवश्यक होने पर उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है। सरकार ने नागरिकों से स्वच्छ और टिकाऊ शहरों के निर्माण में सक्रिय सहयोग की अपील की है। Source: Source Post navigation पार्किंग के लिए चिन्हित 12 मॉल परिसरों से अतिक्रमण हटाएगी सरकार पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के बीच हैलाकांडी में सभाओं पर रोक, प्रशासन ने जारी किए प्रतिबंध