नासिक में सात वर्षों बाद गोदावरी नदी में पहली बड़ी बाढ़ दर्ज की गई है। लगातार हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। बढ़ते जलस्तर से कई निचले इलाकों में पानी भर गया। गोदावरी के उफान के चलते दुतोंड्या मारुति की प्रतिमा लगभग तीन घंटे तक पूरी तरह जलमग्न रही। यह दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग नदी तट पर पहुंचे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने जलस्तर पर लगातार नजर बनाए रखी है। मौसम और बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। Source: Source Post navigation असम में कटाव से 364 गांव खत्म, मंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी नासिक में भारी बारिश का असर, चांदोरी और सायखेडा के 600 से अधिक परिवार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए