कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त करने के बाद अपनी बात रखी। उन्होंने आलोचकों पर उनके खिलाफ लगातार बदनाम करने का अभियान चलाने का आरोप लगाया। वांगचुक ने कहा कि उनका आंदोलन पवित्र उद्देश्य के लिए था। उन्होंने बताया कि सरकार से आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने 26 दिनों की भूख हड़ताल समाप्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगना नहीं था। वांगचुक ने अस्पताल में बिताए समय को परेशान करने वाला बताया। उन्होंने अपनी स्थिति को हिरासत जैसे अनुभव से जोड़ा। उन्होंने आलोचकों से संयम बरतने और अपनी मांगों पर आत्मचिंतन करने की अपील की। वांगचुक ने अपने आंदोलन के उद्देश्यों को लेकर अपना पक्ष सामने रखा। उनके बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा फिर तेज हो गई है। Source: Source Post navigation Man, son die of electrocution inside room जंतर-मंतर पर इंटरनेट और डिलीवरी सेवाएं बाधित, लोगों को हुई परेशानी