आरजी में आंतरिक सत्ता संघर्ष और तेज हो गया है। बोर्कर ने संगठन में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है। उनके बढ़ते प्रभाव से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव देखने को मिल रहा है। इस घटनाक्रम ने गुटों के बीच मतभेदों को उजागर किया है। पार्टी के भीतर नेतृत्व और नियंत्रण को लेकर खींचतान जारी है। बोर्कर समर्थक खेमा अपनी पकड़ बढ़ाने में जुटा है। दूसरी ओर, विरोधी गुटों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। इस शक्ति संघर्ष का असर संगठन की आगामी रणनीतियों पर पड़ सकता है। नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिशें जारी हैं। आने वाले समय में आरजी की राजनीति में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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