डिजिटल अरेस्ट के नाम पर दो बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर अपने जाल में फंसाया। दोनों पीड़ितों से कुल 9 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई। आरोपियों ने खुद को अधिकारी बताकर विश्वास हासिल किया। डर और दबाव बनाकर पीड़ितों से अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए। ठगी का पता चलने पर दोनों ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने साइबर अपराध का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान और धनराशि का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से ऐसे फर्जी कॉल और डिजिटल अरेस्ट के दावों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध कॉल या धन हस्तांतरण से पहले संबंधित एजेंसी से जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी गई है। Source: Source Post navigation तेलंगाना के मुख्यमंत्री को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक पोस्ट पर एक्स के दो यूजर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रेलवे के एपीओ को सीबीआई ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार