एक व्यक्ति लावारिस और भूले-बिसरे मृतकों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराने का जिम्मा निभा रहा है। उनका उद्देश्य हर व्यक्ति को गरिमापूर्ण विदाई दिलाना है। वे उन शवों का अंतिम संस्कार करते हैं जिनका कोई परिजन या पहचान नहीं होती। वर्षों से वे इस मानवीय सेवा में जुटे हुए हैं। उनका कार्य समाज में संवेदनशीलता और मानवता का संदेश देता है। वे बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंद मृतकों का अंतिम संस्कार कराते हैं। उनके प्रयासों से कई अनजान लोगों को सम्मानजनक विदाई मिल चुकी है। समाज के कई लोग भी उनके इस अभियान में सहयोग करते हैं। उनकी सेवा को मानवता के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। उनका कार्य दूसरों को भी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है। Source: Source Post navigation भारी वाहनों को बाईं ओर से ओवरटेक करना क्यों हो सकता है खतरनाक