लोकसभा के बाद एंटी पेपर लीक बिल को राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई है। अब यह बिल राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का रूप लेगा। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकना है। नए प्रावधानों से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी है। सरकार ने इसे परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने वाला कदम बताया है। विपक्ष ने बिल की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि केवल कानून बनाने से पेपर लीक की समस्या का समाधान नहीं होगा। इस मुद्दे पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच बहस भी हुई। कानून लागू होने के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। अब सभी की नजर राष्ट्रपति की मंजूरी और इसके लागू होने की प्रक्रिया पर है। Source: Source Post navigation PM मोदी के AI एडिट वीडियो मामले में Meta इंडिया प्रमुख पर केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा सवाल, बिना सदन सदस्य बने दीपक कुशवाहा मंत्री कैसे बने