राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान सांसद राघव चड्ढा ने इसका समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या से निपटने के लिए केवल तात्कालिक कदम नहीं, बल्कि संस्थागत सुधार आवश्यक हैं। विधेयक में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। दोषी पाए जाने पर जेल और भारी जुर्माने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। राघव चड्ढा ने कहा कि लाखों युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर कदम उठाया है। संसद ने लोकसभा से पारित होने के बाद इस विधेयक को भी मंजूरी दे दी। सरकार का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करना है। नए प्रावधानों से परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन से अभ्यर्थियों का भरोसा और मजबूत होगा। यह विधेयक परीक्षा प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। Source: Source Post navigation हिमाचल कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज, दिल्ली में हाईकमान से मिलेंगे मुख्यमंत्री सुक्खू मीरी-पीरी खालसा मार्च में जत्थेदार का पंजाब सरकार को संदेश, धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप रोकने और नशे पर सख्ती की मांग