सहारा रेगिस्तान के दक्षिणी हिस्से साहेल क्षेत्र में दशकों के सूखे के बाद बदलाव देखने को मिल रहा है। प्राचीन कृषि तकनीकों और ग्रेट ग्रीन वॉल परियोजना के प्रयासों से क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। लंबे समय से सूखे और जल संकट से जूझ रहे इलाकों में अब हरियाली लौटने लगी है। स्थानीय किसान पारंपरिक खेती के तरीकों को अपनाकर भूमि की उर्वरता बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। वर्षा जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से जल उपलब्धता में सुधार हो रहा है। ग्रेट ग्रीन वॉल पहल का उद्देश्य रेगिस्तान के विस्तार को रोकना और पर्यावरण को पुनर्जीवित करना है। इस परियोजना के तहत पेड़ लगाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्थानीय समुदायों की भागीदारी से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रयास जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में मददगार साबित हो सकते हैं। साहेल क्षेत्र में यह बदलाव लोगों की आजीविका और पर्यावरण दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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