हरियाणा के हिसार जिले के मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। पुरुषों के 80 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में उन्होंने कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराया। इस जीत के साथ भारत का कम से कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित हो गया है। अब अंकुश की नजर गोल्ड मेडल जीतने पर है। मुकाबले में उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक और तकनीकी खेल का प्रदर्शन किया। उनकी सटीक पंचिंग और बेहतरीन फुटवर्क के सामने विपक्षी बॉक्सर टिक नहीं पाया। अंकुश हिसार के छोटे से गांव भेरिया से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे हैं। उन्होंने 11 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की थी और लंबे संघर्ष के बाद यह मुकाम हासिल किया है। शुरुआती हार के बाद भी उन्होंने मेहनत जारी रखी और वापसी की। अंकुश रोज करीब पांच घंटे अभ्यास करते हैं और उनकी काउंटर अटैक तकनीक उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है। कोच और परिवार को उम्मीद है कि वह फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन कर देश के लिए गोल्ड मेडल जीतेंगे। Source: Source Post navigation SFI Expo 2026 में जोर, खेलों में AI की मदद जरूरी लेकिन मानवीय निर्णय रहेगा अहम स्कॉटलैंड में भिवानी के मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन, पांच खिलाड़ियों ने रचा नया इतिहास