छत्तीसगढ़ के मसगा गांव में हाथियों के झुंड ने किसानों की तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। गुरुवार देर रात हाथियों का दल खेतों में घुस गया और करीब चार एकड़ में लगी फसल रौंद दी। इस घटना से किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई है। फसल नष्ट होने के बाद गांव में दहशत और किसानों में नाराजगी का माहौल है। प्रभावित किसान अशोक कुमार जायसवाल, संदीप कुमार और विकास कुमार ने बताया कि उन्होंने बैंक से कर्ज लेकर खेती की थी। अब फसल खराब होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का जायजा लिया। किसानों का कहना है कि मौजूदा मुआवजा व्यवस्था वास्तविक नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही से हर साल फसलों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने सरकार से निष्पक्ष नुकसान आकलन कर जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों ने सौर फेंसिंग, नियमित गश्त और बेहतर निगरानी व्यवस्था लागू करने की भी मांग उठाई है। मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए स्थायी समाधान की जरूरत पर जोर दिया गया है। Source: Source Post navigation 300 करोड़ रुपये मासिक टोल के बावजूद छत्तीसगढ़ के नेशनल हाईवे असुरक्षित, 200 से अधिक मौतों ने उठाए बड़े सवाल झज्जर में नहर में बहे किसान पंकज का 55 घंटे बाद मिला शव, खेत से लौटते समय हुआ था हादसा