पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है और यह 10 अगस्त तक चलेगा। यह मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के मौजूदा कार्यकाल का अंतिम मानसून सत्र है। पहले दिन सदन की कार्यवाही दिवंगत नेताओं और अन्य हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ शुरू होगी। इसके बाद प्रश्नकाल और शून्यकाल आयोजित किया जाएगा। सरकार पंजाब कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) संशोधन विधेयक, 2026 पेश कर सकती है। इस सत्र के दौरान विधायकों को जनहित और अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा समेत विपक्ष कानून-व्यवस्था, नशे, किसानों, पेपर लीक और बढ़ते कर्ज जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस ने विपक्ष की रणनीति तय करने के लिए अपने विधायकों की बैठक भी की है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े कानून में तत्काल संशोधन की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है। इस विषय पर गठित विशेषज्ञ समिति सरकार से चर्चा कर सहमति बनाने का प्रयास करेगी। अकाल तख्त के निर्देशों को लेकर भी सदन में राजनीतिक चर्चा होने की संभावना है। पूरे सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं।

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