दुनियाभर में और भारत में भी विमान यात्रा के दौरान टर्बुलेंस की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं के कारण कई यात्रियों के घायल होने के मामले सामने आए हैं। क्लियर-एयर टर्बुलेंस दिखाई नहीं देता और यह यात्रियों के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार विमान की संरचना मजबूत होती है और टर्बुलेंस से विमान को आमतौर पर नुकसान नहीं पहुंचता। हालांकि सीट बेल्ट न लगाने वाले यात्रियों को अचानक झटकों के दौरान चोट लगने का खतरा अधिक रहता है। भारत में हवाई यात्रा करने वाले नए यात्रियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन कई लोग सीट बेल्ट के महत्व से अनजान होते हैं। उड़ान के दौरान हमेशा सीट बेल्ट बांधे रखना सबसे सुरक्षित आदत मानी जाती है। एयरलाइंस भी यात्रियों को सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह देती हैं। मौसम में बदलाव और अन्य कारणों से टर्बुलेंस की स्थिति बन सकती है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सावधानी और जागरूकता बेहद जरूरी है। Source: Source Post navigation पीएयू में ब्रह्माकुमारीज़ ने शुरू किया 10 करोड़ प्रतिज्ञा महाअभियान, विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा मेटा कर्मचारी ने नौकरी जाने की चिंता में टाली मातृत्व योजना, बोली- कहीं बच्चे होने का सपना अधूरा न रह जाए