मध्य प्रदेश में वन और वन्यजीवों की सुरक्षा में तैनात वन विभाग के कर्मचारियों को बड़ी कानूनी राहत मिलने जा रही है। फ्रंटलाइन स्टाफ के खिलाफ ड्यूटी के दौरान गोली चलाने की स्थिति में अब सीधे FIR दर्ज नहीं की जाएगी। इस फैसले से वनकर्मियों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लंबे समय से ऐसी सुरक्षा की मांग कर रहे थे। जंगलों में वन्यजीवों और अवैध गतिविधियों से निपटने के दौरान कई बार उन्हें कड़े कदम उठाने पड़ते हैं। नई व्यवस्था से उनके मनोबल में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य वन संरक्षण से जुड़े कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इस कदम से वन और वन्यजीव संरक्षण अभियान को मजबूती मिलने की संभावना है। विभागीय स्तर पर इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। Source: Source Post navigation छत्तीसगढ़ सरकारी भर्तियों में बदलाव, आवेदन के बाद पद और विभाग की प्राथमिकता बदलने की अनुमति नहीं होगी फरीदाबाद नगर निगम को मिला नया कमिश्नर, यशेंद्र सिंह संभालेंगे स्मार्ट सिटी की कमान