महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पूर्व माओवादियों के जीवन में बदलाव देखने को मिल रहा है। पुनर्वास कार्यक्रमों के जरिए कई पूर्व नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इनमें से कई लोगों को गढ़चिरौली के तेजी से बढ़ते स्टील उद्योग में स्थायी रोजगार मिला है। कुछ कंपनियां पूर्व उग्रवादियों को रोजगार देकर उन्हें नई शुरुआत का अवसर दे रही हैं। लॉयड्स मेटल एंड एनर्जी लिमिटेड जैसी कंपनियां भी ऐसे लोगों को काम दे रही हैं। रोजगार मिलने के बाद पूर्व नक्सली अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य बनाने में जुटे हैं। कई लोगों ने अपने घर बनाए हैं और बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। स्थिर रोजगार से उनके जीवन में आर्थिक सुरक्षा बढ़ी है। पुनर्वास के बाद मुख्यधारा में लौटे लोगों के अनुभव दूसरे लोगों के लिए भी उम्मीद पैदा कर रहे हैं। इन लोगों का बदलाव हिंसा से दूर होकर सामान्य जीवन की ओर बढ़ने की मिसाल बन रहा है। गढ़चिरौली में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है। पूर्व नक्सलियों का सफल पुनर्वास समाज में दोबारा जुड़ने की संभावनाओं को मजबूत करता है। Source: Source Post navigation चैंबर कार्यकारी अध्यक्ष के इस्तीफे पर फैसला नहीं, संविधान संशोधन को लेकर अध्यक्ष और कमल सोनी आमने-सामने 14वीं JPSC परीक्षा में कथित घोटाले पर ED की एंट्री, PMLA के तहत दर्ज हुआ केस